5G Network Par Nibandh

5G Network Par Nibandh क्या है, निबंध, स्पीड, फायदे, नुकसान

5G नेटवर्क क्या है, तकनीक, निबंध, स्पीड, कब लांच होगा, लाभ, नुकसान, स्पेक्ट्रम, मोबाइल, कीमत [5G Network in Hindi] (Launched Date, Test in India, Nuksan, Latest News, Essay, Speed, Bandwidth, Benefits, Side Effects, Covid 19)

आज के समय में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जो इंटरनेट का इस्तेमाल ना करता हो। हमारे भारत देश में पहले के मुकाबले अब गांव में रहने वाले लोग भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं। हमारे देश की सरकार ने भी भारत को डिजिटल इंडिया का नाम दिया है और सरकारी दफ्तरों में भी सभी प्रकार के कार्य अब डिजिटल रूप में यानि कि इंटरनेट की सहायता से किए जा रहे हैं। वर्तमान समय में हम 4G तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं और अब आगे हम धीरे-धीरे 5जी तकनीक के ओर अग्रसर हो रहे हैं। आज के इस लेख में हम आप सभी लोगों को 5G नेटवर्क से जुड़ी सारी जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं।

5G में ‘G’ का अर्थ क्या है

अब तक 1G से लेकर 5G टेक्नोलॉजी आ चुकी है। कई लोग सोचते हैं, कि आखिर “G” का क्या तात्पर्य होता है। तो दोस्तों हम आपको बता दें, कि 1G से लेकर 5G तक “G” का तात्पर्य जनरेशन से होता है, जनरेशन यानी की पीढ़ी। हम जिस भी पीढ़ी की टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर रहे होते हैं, उसके आगे “G” लग जाता है और यही “G” आधुनिक तकनीक के उपकरण को नई पीढ़ी के रूप में दर्शाने का कार्य करता है। हमारा देश धीरे-धीरे नई तकनीक की ओर अग्रसर होता जा रहा है और हमारे देश में भी नई-नई तकनीकों का निर्माण किया जा रहा है।

5G सर्विस क्या है?

5G, एक सॉफ्टवेयर आधारित नेटवर्क सिस्टम, जिसको वायरलेस नेटवर्क स्पीड और कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। 5G सर्विस टेक्नोलॉजी डाटा क्वांटिटी को भी गति देगी, जिसका काम वायरलेस नेटवर्क को ट्रांसमिट करने का होता है।

5G नेटवर्क टेक्नोलॉजी क्या है (5G Technology)

5G की टेक्नोलॉजी दूरसंचार की टेक्नोलॉजी से संबंध रखती है। किसी भी तकनीक का इस्तेमाल वायरलेस तकनीक के जरिए किया जाता है। दूरसंचार की इस नई तकनीक में रेडियो तरंगे और विभिन्न तरह की रेडियो आवृत्ति का इस्तेमाल किया जाता है। अब तक जितने भी टेक्नोलॉजी दूरसंचार के क्षेत्र में आ चुके हैं, उनके मुकाबले में यह तकनीक काफी नई और तीव्रता से कार्य करने वाली तकनीक है। इस नवीन तकनीक का अंतिम मानव का निर्धारण आईटीयू यानी कि इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के हाथों किया जाता है। 5G की तकनीक 4G तकनीक के मुकाबले नेक्स्ट जनरेशन की तकनीक है और यह अब तक आ चुकी सभी तकनीक से सबसे ज्यादा आधुनिक तकनीक मानी जा रही है।

नाम 5 g नेटवर्क
लांच सन 2020
भारत में लांच सन 2021 (दूसरी छमाही से)
स्पीड 20 gb प्रति सेकंड
इंटरनेट स्पीड 1 gb फाइल डाउनलोड प्रति सेकंड
बैंडविड्थ 3500 मेगाहर्ट्ज

5G नेटवर्क टेक्नोलॉजी भारत में लांच (Launched Date)

छठवें स्थान पर दुनिया के सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी जी ने 5G तकनीक पर अपडेट देते हुए कहा है, कि इसे हमारे भारत देश में 2021 के दूसरी छमाही में ग्राहकों की सेवा के लिए 5 जी नेटवर्क को लांच कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में इससे जुड़े हुए सभी प्रकार के नवीन बदलाव एवं इससे जुड़ी हुई प्रक्रियाओं को एक बूस्ट प्रदान करने की आवश्यकता है। अंबानी जी ने कहा कि यह तकनीक सभी वर्गों के हाथों तक पहुंचे इसके लिए इसे आसान, सुलभ एवं सस्ता करने की बेहद आवश्यकता होगी। इसलिए इसे जल्द से जल्द लांच किया जायेगा.

5G नेटवर्क टेक्नोलॉजी फायदे (Benefit)

  • इस नई तकनीक मुख्य विशेषता यह है कि इसकी सहायता से ऑटोमोबाइल के जगत में औद्योगिक उपकरण एवं संसाधन यूटिलिटी मशीन संचार एवं आंतरिक सुरक्षा भी पहले के मुकाबले और विकसित एवं बेहतर होने के साथ-साथ इनके बीच में संबद्धता की वृद्धि होगी।
  • 5G तकनीक सुपर हाई स्पीड इंटरनेट की कनेक्टिविटी प्रदान करने के साथ-साथ यह कई महत्वपूर्ण स्थानों में उपयोग में लाया जाएगा। इस टेक्नोलॉजी आ जाने से कनेक्टिविटी मे और भी ज्यादा विकास एवं शुद्धता प्राप्त होगी।
  • 5G के तकनीक की वजह से ड्राइवरलेस कार, हेल्थ केयर, वर्चुअल रियलिटी, क्लाउड गेमिंग के क्षेत्र में नए-नए विकासशील रास्ते खुलते चले जाएंगे।
  • क्वॉलिकम के अनुसार अभी तक 5G की तकनीक ने करीब 13.1 ट्रिलियन डॉलर ग्लोबल इकोनामी को आउटपुट प्रदान कर दिया है। इसकी वजह से दुनिया भर में करीब 22.8 मिलियन के नए जॉब अवसर विकसित हो रहे हैं।

5G नेटवर्क स्पीड (5G Network Speed)

इस नई तकनीक की स्पीड करीब एक सेकंड में 10gb के आधार पर इसके उपभोक्ताओं को प्राप्त होगी। इस तकनीक के आ जाने से टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए सभी कार्यों में तेजी से विकास होगा और सभी कार्य आसानी से काफी फास्ट स्पीड में किए जा सकेंगे।

5G speed tops out at 10 gigabits per second (Gbps). 5G is 10 to x100 faster than what you can get with 4G.

इंटरनेट स्पीड में वृद्धि (Internet Speed)

अभी हम वर्तमान समय में 4G तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं और इस तकनीक का इस्तेमाल करके हम 1 सेकेंड में करीब 1GB की फाइल को डाउनलोड करने की क्षमता रखते हैं, वही 5G की तकनीक में हमें 1 सेकेंड के अंदर करीब 10GB या इससे ऊपर की डाउनलोडिंग क्षमता वाली गति प्राप्त होगी।

5G Mobile Phone in India

5G नेटवर्क टेक्नोलॉजी नुकसान (5G Network Nuksan)

  • तकनीकी शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों के अनुसार एक शोध में पाया गया कि 5G तकनीक की तरंगे दीवारों को भेदने में पूरी तरीके से असक्षम होती है। इसी के कारणवश इसका घनत्व बहुत दूर तक नहीं जा सकता है और इसी के परिणाम स्वरूप इसके नेटवर्क में कमजोरी पाई गई।
  • दीवारों को भेदने के अलावा इसकी तकनीक बारिश, पेड़ पौधों जैसे प्राकृतिक संसाधनों को भी भेदने में पूरी तरीके से असक्षम सिद्ध हुई है। 5G तकनीक को लॉन्च करने के बाद हमें इसके नेटवर्क में काफी समस्या देखने को मिल सकती है।
  • कई साधारण लोगों का मानना है, कि 5G तकनीक में जिन किरणों का उपयोग किया जा रहा है, उनका परिणाम काफी घातक सिद्ध हो रहा है और उसी का घातक परिणाम कोरोना वायरस है, परंतु अभी तक इस विषय में कोई साक्ष्य प्राप्ति नहीं हो सकी है।

5G नेटवर्क स्पेक्ट्रम बैंड (5G Network Spectrum)

5G की नई तकनीक में millimeter-wave स्पेक्ट्रम अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसका सर्वप्रथम विचार वर्ष 1995 में सबसे पहले जगदीश चंद्र बोस जी ने प्रस्तुत किया था और उन्होंने बताया था, कि इन वेब का इस्तेमाल करके हम कम्युनिकेशन को बेहतर बना सकते हैं। इस प्रकार की तरंगे करीब 30 से लेकर 300 गीगाहर्टज फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकती हैं। ऐसी तरंगों का इस्तेमाल हम सैटेलाइट और रडार सिस्टम के अंदर भी इस्तेमाल करते हैं। 5G नेटवर्क की नई तकनीक करीब 3400 मेगाहर्ट्ज, 3500 मेगाहर्ट्ज और यहां तक कि 3600 मेगाहर्ट्ज बैंड्स पर काम कर सकती है। इस नई नेटवर्क तकनीक के लिए 3500 मेगाहर्ट्ज बैंड इसके लिए एक आदर्श बैंड कह सकते हैं, क्योंकि यह सबसे मध्य का बैंड है और इसके साथ ही यह काफी अच्छी कनेक्टिविटी भी प्रदान करता है।

भारत में 5G की लॉन्चिंग को लेकर ट्रायल शुरू:

कंपनी की ओर से कहा गया है, ‘स्पेक्ट्रम आवंटन और रोलआउट योजनाओं (रेडियो एक्सेस नेटवर्क और बैकहॉल और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में सुधार सहित) पर अनिश्चितता को देखते हुए यह कहना मुश्किल होगा कि औसत भारतीय यूजर्स के लिए 5G कितना तेज होगा, लेकिन यह कहना कहा जा सकता कि 5G देश में ओवरऑल स्पीड में जबरदस्त उछाल जरूर लाएगा।’ Ookla के अनुसार, 5G की स्पीड से जुड़ी जानकारी ऐसे समय में सामने आई हैं जब भारत 5G लॉन्च के लिए कमर कस रहा है और 5G की लॉन्चिंग को लेकर देश में ट्रायल भी शुरू हो चुका है।

रिलायंस जियो भी स्पीड बढ़ाने पर कर रहा काम:

इसके अलावा स्पीड टेस्ट फर्म ने कहा कि रिलायंस जियो भी पिछले छह महीनों से अपनी इंटरनेट स्पीड को बढ़ाने पर काम कर रहा है। इसके ऑपरेटरों की औसत डाउनलोड स्पीड मार्च 2021 में 5.96 Mbps से बढ़कर जून में 13.08 Mbps हो गई है। Ookla ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि इसकी अपलोड स्पीड और कंसिस्टेंसी स्कोर में भी काफी सुधार हुआ है।

क्यों हो रहा है 5G का विरोध ?

दरअसल, 5G रेडिएशन को लेकर कई तरह की बातें निकलकर सामने आई हैं। जिसमें यहां तक कहा गया है कि 5G से पक्षियों की मौत होने शुरू हो जाएगी। इतना ही नहीं, ये भी कहा गया कि भारत समेत दुनियाभर के देशों को कोरोना जैसी वैश्विक महामारी देने के पीछे भी 5G रेडिएशन ही है। कुछ रिपोर्ट्स में यहां तक कहा गया है कि 5G को सपोर्ट करने वाले स्मार्टफोन की वजह से कैंसर जैसी बीमारियां भी फैलेंगी। इससे DNA और नर्वस सिस्टम से जुड़ी दिक्कतें भी बढ़ सकती हैं। हालांकि, इन सभी दावों के कोई सबूत मौजूद नहीं है।

5G के लिए आदर्श स्पेक्ट्रमबैंड कौन-से हैं?

5G में मिलीमीटर वेव स्पेक्ट्रम बहुत-ही अहम भूमिका निभाते हैं। इसका विचार पहली बार जगदीश चंद्र बोस ने 1895 में प्रस्तुत किया था उन्होंने बताया था कि इन वेव का इस्तेमाल हम कम्युनिकेशन के लिए कर सकते हैं।

यह तरंगें 30 से 300 GHz Frequency पर काम करती हैं। इन तरंगों का उपयोग हम सेटेलाइट और रडार सिस्टम में भी करते हैं।

5G Network 3400 MHz, 3500 MHz और 3600 MHz बैंड्स पर काम कर सकते हैं। 3500 MHz बैंड को हम इसके लिए आदर्श बैंड कहते हैं क्योंकि यह मध्य का बैंड है और अच्छी Connectivity Provide करता है।

5G में 'G' का मतलब क्या है

5G में मौजूद G जिसका मतलब जनरेसन से है यानी कि हमारी पीढ़ी जैसे आपने 1G इसकी शुरुआत हुई थी यानी कि पहला जनरेशन और हाल ही में लॉन्च 5G है इन सभी में G जनरेशन को समझाने के लिए लिखा जाता है 5G की पहली पीढ़ी समझने के लिए देखते हैं

1G - पहली पीढ़ी

2G - दूसरी पीढ़ी

3G - तीसरी पीढ़ी

4G - चौथी पीढ़ी

5G - पांचवी पीढ़ी

पहली पीढ़ी से पांचवीं पीढ़ी तक का सफर

1G टेक्नोलॉजी यह एनालॉग सिग्नल पर काम करती थी और इससे वॉइस कॉल किया जा सकता था इसे साल 1980 में लांच किया गया था।

2G टेक्नोलॉजी यह डिजिटल रेडियो सिग्नल पर काम करता था साथ ही इसमें वॉइस कॉल करने के साथ-साथ डाटा ट्रांसमिशन भी होता था जिसमें 64Kbps डाटा स्पीड थी इसे साल 1990 में लांच किया गया था।

3G यह टेक्नोलॉजी 1G और 2G के मुकाबले काफी तेज थी इसकी स्पीड 1 mbps से 2 mbps की थी इसमें वॉइस कॉल करके साथ साथ वीडियो कॉल भी किया जा सकते थे।

4G इस नेटवर्क की स्पीड 100mbps से 1gbps की थी इस साल 2009 में लांच किया गया था इस नेटवर्क के आते ही इंटरनेट में तहलका मच गया था खासकर इंडिया में रिलायंस कंपनी ने 4G जिओ लाया था जो इंटरनेट फ्री में प्रोवाइड कर रहा था कुछ समय के लिए 4G नेटवर्क वर्चुअल रियलिटी को भी Enable कर दिया गया था।

उपसंहार (Conclusion)

5G नेटवर्क के विकसित होने पर अवश्य ही पूरे विश्व में विकास की लहर दौड़ जाएगी। 5G नेटवर्क के फायदे अपार हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि किसी भी चीज का फायदा और नुकसान दोनों ही होता है तो ठीक उसी तरीके से 5 जी के भी अपने ही नुकसान है। आप इस बारे में क्या सोचते हैं हमें नीचे कमेंट करके अवश्य बताएं।

तो आज हमने 5G Network par Nibandh 5G नेटवर्क पर निबंध (पूरी जानकारी) पढ़ा व 5G के बारे में जाना । आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें अवश्य बताएं और ऐसे अपने दोस्तों रिश्तेदारों को सगे संबंधियों में भी अवश्य शेयर करें हम आपके लिए ऐसे ही Informative ब्लॉग लाते रहेंगे।

Ques1 - 5G में G का मतलब क्या है

Ans - 5G में मौजूद G जिसका मतलब जनरेसन से है

Ques2 - इंडिया में कब लॉन्च होगा 5G

Ans - 2022 तक 5G लॉन्च होने की संभावना है

Ques3: 5G नेटवर्क लॉन्च करने वाला विश्व का पहला देश कौन-सा हैं?

Ans- साउथ कोरिया। Samsung के नए 5जी स्मार्टफोन के साथ 5 जी services को लौन्च किया गया।

Ques4: 5G कब लॉन्च होगा इंडिया में?

Ans- जिओ कंपनी के मालिक श्री मुकेश अंबानी जी ने 2021 की दूसरी छमाही तक 5G को इंडिया में लॉन्च करने की घोषणा की है।

Ques5: 5G कैसे काम करता है?

Ans- 5G नेटवर्क ज्यादा bandwidth की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। जैसे की मिलिमीटर वेव आदि। इंटरनेट स्पीड मे यह 4G की तुलना में बहुत बेहतरीन काम करेगा।

Ques6: इंडिया में 5G किन फोन मे चलेगा?

Ans- जैसा कि हम सब जानते हैं कि जिओ के मालिक द्वारा इसे लांच किया जाएगा तो शुरुआती दिनों में जियो के फोन में ही इसकी सुविधा दी जाएगी। बाद में इस पर और बदलाव हो सकते हैं।

Ques7: क्या 4G फोन मे 5G Network काम करेगा?

Ans- नहीं बिल्कुल भी नहीं । आप 4G फोन में 5G नेटवर्क इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे क्योंकि सभी नेटवर्क की बैंडविथ अलग-अलग होती है।

Ques8 - इंडिया में 5G किन फोन मे चलेगा?

Ans - Ans- जैसा कि हम सब जानते हैं कि जिओ के मालिक द्वारा इसे लांच किया जाएगा तो शुरुआती दिनों में जियो के फोन में ही इसकी सुविधा दी जाएगी। बाद में इस पर और बदलाव हो सकते हैं।


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